धर्म, जाति का जिक्र कर PM बोले, देश सबका
नई दिल्ली करगिल विजय के 20 साल पूरा होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्ध के नायकों को सलाम किया। शहीदों की शहादत का जिक्र करते हुए ने जातिगत, धार्मिक या भाषाई श्रेष्ठता का भाव रखने वाले तत्वों को कड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि यह देश सबका है, सिर्फ किसी एक पंथ, जाति या भाषा बोलने वालों का नहीं है। देश में भीड़ की हिंसा, मॉब लिन्चिंग और सांप्रदायिक घटनाओं की खबरों के बीच प्रधानमंत्री का यह संदेश काफी अहम है। 'किसी एक पंथ या जाति के लिए आजाद नहीं हुआ देश' पीएम ने देशवासियों से एकता की अपील करते हुए कहा, 'राष्ट्रनिर्माण के पथ पर हमें कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। 1947 में क्या एक भाषा विशेष बोलेने वाले आजाद हुए थे? क्या एक पंथ के लोग आजाद हुए थे? क्या एक जाति के लोग आजाद हुए थे? जी नहीं, पूरे भारत के लोग आजाद हुए थे। जब हमने अपना संविधान लिखा तो क्या सिर्फ एक भाषा, एक पंथ या एक जाति के लोगों के लिए लिखा था? जी नहीं, हमने पूरे भारत के लिए लिखा था।' 'शहीदों ने किसी खास तबके नहीं, देश के लिए दी थी कुर्बानी' पीएम ने शहीदों की मिसाल देते हुए कहा, '20 साल पहले हमारे 500 से अधिक वीर सेनानियों ने करगिल के बर्फीले तूफानों में कुर्बानियां किसके लिए दी थीं? वीर चक्र पाने वाले तमिलनाडु के रहने वाले बिहार रेजिमेंट के हीरो ऑफ बटालिक कहे जाने वाले मेजर सर्वानन ने किसके लिए वीरगति पाई थी? वीर चक्र पाने वाले दिल्ली के रहने वाले राजपूताना राइफल्स के कैप्टन हनीफुद्दीन ने किसके लिए कुर्बानी दी थी? परमवीर चक्र पाने वाले हिमाचल के रहने वाले कैप्टन बिक्रम बत्रा ने जब कहा था 'ये दिल मांगे मोर' तो उनका दिल किसके लिए मांग रहा था? उनका दिल एक भाषा, धर्म या जाति के लिए नहीं, पूरे भारत के लिए, मां भारती के लिए मांग रहा था।' 'प्रण लें कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे' कार्यक्रम के आखिर में मोदी ने कहा, 'आइए हम सब मिलनकर ठान लें कि ये बलिदान, ये कुर्बानियां हम व्यर्थ नहीं होने देंगे। हम उनसे प्ररेणा लेंगे और उनके सपनों का भारत बनाने के लिए हम अपनी जिंदगी खपाते रहेंगे।' पीएम ने लोगों से शहीदों और उनकी माताओं से प्रेरणा लेने की बात भी कही। इससे पहले, दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में करगिल के नायकों की याद में भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और रक्षा राज्यमंत्री श्रीपाद नाइक भी मौजूद रहें। सबकी आंखों में थी नमी लेकिन सीना फक्र से चौड़ा था कार्यक्रम के दौरान करगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस पर 'इमोर्टल्स ऑफ करगिल' नाम की शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। उस वक्त स्टेडियम में मौजूद सभी लोगों की आंखें नम और सीना फक्र से चौड़ा हो गया जब युवाओं की एक टीम ने करगिल युद्ध में शहीद हुए लांस नायक बच्चन सिंह की दास्तां को भावभंगिमाओं के जरिए बताया। लांस नायक बच्चन सिंह ने करगिल युद्ध के दौरान तोरोलिंग की पहाड़ी पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। खास बात यह है कि आज उनके बेटे लेफ्टिनेंट हितेश अपने पिता की ही बटालियन में अफसर हैं। जब वह अपनी मां कमलेश बाला के साथ मंच पर आए तो पीएम मोदी के साथ-साथ सेना प्रमुख जनरल रावत भी आंखों से आंसू नहीं रोक पाए।
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धर्म, जाति का जिक्र कर PM बोले, देश सबका
Reviewed by Fast True News
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July 27, 2019
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