गुजरात: पानी चोरी करने पर 2 साल की सजा
गांधीनगर को की श्रेणी में रखने के साथ ही इस कृत्य पर दो वर्ष जेल की सजा के प्रावधान वाले बिल को शुक्रवार को में पारित कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस के विधायकों ने वॉकआउट किया। कांग्रेस के विधायकों का आरोप है कि बीजेपी सरकार बिना किसी कारण किसानों को निशाना बना रही है। गुजरात सिंचाई और जल निकासी (संशोधन) बिल 2019 और गुजरात घरेलू जल आपूर्ति (संरक्षण) बिल 2019 को बहुमत से पारित किया गया जबकि कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर लिया था। पानी चोरी करने पर जेल और जुर्माना इसके बाद यदि कोई शख्स पानी चोरी का दोषी पाया जाता है तो उसे जेल और 2 लाख रुपये का जुर्माना दोनों की सजा हो सकती है। इसी की तर्ज पर बेंगलुरु वॉटर सप्लाई और सीवरेज समेत कुछ अन्य कानून (संशोधन) अधिनियम 2009 हैं, जिनके तहत पानी चोरी पर अधिकतम तीन साल जेल की सजा का प्रावधान है। सरकार पर विपक्ष ने साधा निशाना राज्य विद्युत मंत्री सौरभ पटेल, जिन्होंने सिंचाई और जल निकासी संशोधन बिल पेश किया, वह कहते हैं कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य बड़ी संख्या में पानी चोरी की घटनाओं की जांच करना है। उधर, नेता विपक्ष परेश धनानी ने कहा, 'हमने दोनों बिलों का विरोध किया। पान एक आधारभूत अधिकार है और सरकार सिंचाई और पीने की जरूरत के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करा पाने में विफल रही है।'
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गुजरात: पानी चोरी करने पर 2 साल की सजा
Reviewed by Fast True News
on
July 26, 2019
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