लखीमपुर हिंसा सोची-समझी साजिश! 5 हजार पन्नों की चार्जशीट में आशीष मिश्र मुख्य आरोपी
लखीमपुर खीरी लखीमपुर खीरी मामले में पुलिस ने कोर्ट में पांच हजार पन्नों की चार्जशीट दायर कर दी है। इस चार्जशीट में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस के 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दायर कर दी है। 6 तारीख को 90 दिन पूरे होने वाले थे। अब इस मामले में कोर्ट में सुनवाई शुरू होने वाली है। इसमें कोर्ट का रुख आरोपियों के खिलाफ क्या रहता है, देखने वाली बात होगी। चार्जशीट में पुलिस ने घटना को सोची-समझी साजिश करार दिया है। लखीमपुर हिंसा मामले में पुलिस की ओर से दायर चार्जशीट में आशीष मिश्रा को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस की चार्जशीट के बारे में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि घटना के दौरान आशीष मिश्रा एसयूवर थार में मौजूद था। वहीं, उसका एक संबंधी वीरेंद्र शुक्ला घटना के समय स्कॉरपियो में मौजूद था। उसे भी किसानों पर एसयूवी चढ़ाए जाने और हिंसा मामले में आरोपी बनाया गया है। बताया जा रहा है कि वीरेंद्र शुक्ला उनके मामा हैं। घटनास्थल पर मौजूद था आशीष मिश्रा आशीष मिश्रा और उनके समर्थकों की ओर से कहा जा रहा था कि 3 अक्टूबर को जब लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में हिंसा हुई तो उस समय अजय मिश्रा वहां मौजूद नहीं था। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी भी बेटे का बचाव करते रहे। वे कहते रहे हैं कि उनके बेटे को फंसाया जा रहा है। वह उनके साथ कार्यक्रम में मौजूद था। सूत्रों से आ रही रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने चार्जशीट में साफ किया है कि आशीष मिश्रा घटना के समय तिकोनिया में मौजूद था। वह अपनी थार एसयूवी में था, जिसने किसानों को कुचला था। मामा पर लगा सबूत छिपाने का आरोप आशीष मिश्रा के मामा वीरेंद्र शुक्ला को भी में आरोपी बनाया गया है। पुलिस की चार्जशीट में साफ किया गया है कि वीरेंद्र शुक्ला आशीष शुक्ला के पीछे वाली स्कॉरपियो में मौजूद थे। चार्जशीट में 14 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। घटनास्थल पर किसी प्रकार की फायरिंग नहीं होने की बात भाजपा नेताओं की ओर से की जा रही थी। वहीं, किसानों की ओर से फायरिंग का आरोप लग रहा था। चार्जशीट में कहा गया है कि आशीष मिश्रा के पिस्तौल से फायरिंग हुई थी। इन तमाम मामलों ने अब केंद्रीय मंत्री के बेटे की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आशीष मिश्रा की जमानत पर होनी थी सुनवाई घटना के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर 6 जनवरी को सुनवाई होनी थी। नियम के अनुसार, घटना के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दायर नहीं किए जाने की स्थिति में आशीष मिश्रा को जमानत मिल सकती है। हालांकि, पुलिस ने इससे पहले ही चार्जशीट दायर कर दी। इससे अब आशीष मिश्रा की मुश्किलें बढ़नी तय हैं। इससे पहले एसआईटी ने भी अपनी जांच में आशीष मिश्रा को घटना का मुख्य आरोपी बताया था। एसआईटी ने कोर्ट से धारा बढ़ाने का किया था अनुरोध लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में एसआईटी ने अपनी जांच में आशीष मिश्रा को दोषी करार दिया था। एसआईटी ने अदालत से धाराओं को और बढ़ाने का अनुरोध किया है। एसआईटी का कहना है कि घटना स्थल और इलेक्ट्रानिक गैजेट के जरिए जो जानकारी मिली है उससे पता चलता है कि गलत इरादे से आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को जमकर फटकार लगाई थी। इसके बाद एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की गई। केंद्रीय मंत्री का बेटा है आशीष मिश्रा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आशीष मिश्रा है। तीन अक्टूबर को लखीमपुर में भाजपा के एक कार्यक्रम के पहले किसानों पर एसयूवी चढ़ाने का मामला सामने आया। तिकोनिया मोड़ के पास किसानों के प्रदर्शन पर थार एसयूवी को चढ़ा दिया गया। इस घटना में चार किसानों की कुचलने से मौत हो गई। इसके बाद हुई हिंसा में तीन नेता और एक पत्रकार की हत्या कर दी गई। पुलिस ने चार्जशीट में इस हिंसा की घटना को सोची-समझी साजिश करार दिया है। इस मामले पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जोरदार प्रदर्शन किया था। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीधे भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगा दिया था।
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लखीमपुर हिंसा सोची-समझी साजिश! 5 हजार पन्नों की चार्जशीट में आशीष मिश्र मुख्य आरोपी
Reviewed by Fast True News
on
January 03, 2022
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