'ना ही किसान कहीं गए है, ना सरकार',किसानों के चुनाव लड़ने की खबर पर क्या बोले टिकैत
नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु पर्व के दिन देश को संबोधित करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापिस लेने का ऐलान कर दिया। इसके कुछ दिनों बाद ही किसानों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया हालांकि किसान नेता राकेश टिकैत ने बार-बार ये साफ किया कि आंदोलन वापस नहीं लिया बल्कि स्थगित किया गया है। लेकिन इसके बाद आंदोलन में जुड़े नेताओं ने एक-एक करके अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया। राकेश टिकैत की सरकार को चुनौतीअब ऐसी परिस्थिति में राकेश टिकैत सरकार को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ना ही किसान कहीं गए है, ना सरकार कहीं गई है। अब किसानों के आंदोलन के लिए 13 महीने की ट्रेनिंग होगी। उन्होंने साफ किया है कि संयुक्त किसान मोर्चा कोई चुनाव नहीं लड़ रहा है। 15 जनवरी को हमारी बैठक है।आंदोलन अभी सिर्फ स्थगित हुआ है, जो किसान गए हैं वो 4 महीने की छुट्टी पर गए हैं। लगातार बिखर रहे हैं आंदोलन के नेताभले ही राकेश टिकैत अपने आपको पहले की ही तरह मजबूत दिखा रहे हों मगर किसान नेताओं ने जब से अपना अलग रुख अख्तियार किया है तब से उनके मन में आशंकाएं पैदा होती जा रही हैं। राकेश टिकैत अब अकेले से पड़ते जा रहे हैं। उनको कई बार राजनीति में आने का ऑफर भी मिला मगर अभी तक उन्होंने राजनीति में न आने का फैसला किया है। लेकिन उनके साथी आंदोलनकारी किसानों ने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है जिससे संयुक्त किसान मोर्चा बिखरता जा रहा है। एक दिन पहले हुआ बड़ा ऐलानकिसान आंदोलन में पंजाब से भाग लेने वाले 32 में से 22 संगठनों ने शनिवार चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। पार्टी का नाम संयुक्त समाज मोर्चा होगा। मोर्चे ने दावा किया है कि वह सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी का चेहरा बलवीर सिंह राजेवाल होंगे। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी अपनी पार्टी पहले ही बना चुके हैं और वो 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर चुके हैं। चढूनी के बाद कई और नेता कूदेंगे चुनावी मैदान मेंपंजाब चुनाव से पहले शनिवार किसान आंदोलन में पंजाब से भाग लेने वाले 32 में से 22 संगठनों की ओर से बड़ा ऐलान किया गया। 22 संगठन मिकलकर संयुक्त समाज मोर्चा के बैनर तले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। किसान नेताओं का दावा है कि वह सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। मुमकिन है कि आने वाले समय में कुछ और संगठन उनके साथ आएं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इस मोर्चे की कुछ दलों के साथ गठबंधन की बात भी चल रही है। कोई भी व्यक्ति या संगठन SKM के नाम का न करे प्रयोगकिसान संगठनों के चुनाव लड़ने के ऐलान को लेकर संगठन के बीच पूरी तरह से आम सहमति नहीं दिख रही है। शनिवार चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने स्पष्ट किया है कि वे पंजाब विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहे है। यह जानकारी मोर्चा की 9 सदस्यीय समन्वय समिति के नेता जगजीत सिंह डल्लेवालव डॉ. दर्शनपाल ने दी। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा जो देश भर में 400 से अधिक विभिन्न वैचारिक संगठनों का एक मंच है जो केवल किसानों के मुद्दों पर बना है। न तो चुनाव के बहिष्कार की कोई बात है और न ही चुनाव लड़ने की कोई समझ बनी है। उन्होंने कहा कि इसे लोगों ने सरकार से अपना अधिकार दिलाने के लिए बनाया है।
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'ना ही किसान कहीं गए है, ना सरकार',किसानों के चुनाव लड़ने की खबर पर क्या बोले टिकैत
Reviewed by Fast True News
on
December 26, 2021
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