लालू का हाथ थामे दिखे राहुल गांधी, पासवान की पुण्यतिथि पर पकने लगी सियासी खिचड़ी!
पटना/दिल्लीदिल्ली में लालू यादव और राहुल गांधी की 'अच्छी' मुलाकात हुई। इसके मायने निकाले जा रहे हैं। पिछली बार राहुल गांधी ने लालू यादव से दिल्ली एम्स में भेंट की थी। बिहार उपचुनाव में भले ही इस तस्वीर से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़े, मगर राहुल गांधी की नजर पटना की बजाए आनेवाले पांच राज्यों की विधानसभा चुनाव और दिल्ली की कुर्सी पर है।देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का शोर है। कांग्रेस और बीजेपी में एक-दूसरे को पछाड़ने की होड़ है। इस बीच खुद को 'किंग मेकर' बतानेवाले लालू यादव की राहुल गांधी से मुलाकात हो गई। वो भी रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के मौके पर। हाथ थामे दोनों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। काफी देर तक गुफ्तगू भी की।

पटना/दिल्ली
दिल्ली में लालू यादव और राहुल गांधी की 'अच्छी' मुलाकात हुई। इसके मायने निकाले जा रहे हैं। पिछली बार राहुल गांधी ने लालू यादव से दिल्ली एम्स में भेंट की थी। बिहार उपचुनाव में भले ही इस तस्वीर से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़े, मगर राहुल गांधी की नजर पटना की बजाए आनेवाले पांच राज्यों की विधानसभा चुनाव और दिल्ली की कुर्सी पर है।
लालू से राहुल को मिला टिप्स?

सियासत के माहिर खिलाड़ी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव आजकल सुपर ऐक्टिव हैं। जेल और अस्पताल से छुटने के बाद पहले राजनीतिक जमात से जुड़े लोग दिल्ली के उनके आवास पर मिलने पहुंचते थे। मगर अब लालू यादव खुद सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने लगे हैं। रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के मौके पर लालू यादव की राहुल गांधी से मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातें हुई। वैसे बिहार उपचुनाव में कांग्रेस ने लालू यादव पर राजधर्म नहीं निभाने का आरोप लगाया है। मगर कांग्रेस की नजर पटना पर नहीं बल्कि दिल्ली पर है। 'नरेटिव सेट' करने के लिए कांग्रेस को आरजेडी की जरूरत है। लालू यादव इसके माहिर खिलाड़ी है। वो अलग बात है कि पहले की तरह उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। मगर सलाह-मशविरा तो दे ही सकते हैं।
पांच राज्यों की चुनाव पर नजर

लालू यादव और राहुल की गांधी की मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की सियासी तूफान है। बीजेपी को अपनी किला बचाने की चुनौती है। राहुल और प्रियंका गांधी लगातार सत्ताधारी दल पर गोले बरसा रहे हैं। किसी भी मौके को चूकना नहीं चाहते हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में मार्च तक चुनाव होने की उम्मीद है। पंजाब का सियासी बवाल थमने के बाद राहुल-प्रियंका का पूरा जोर उत्तर प्रदेश पर है। कांग्रेस को लगता है कि लखीमपुर खीरी हिंसा ने उनके लिए बड़ा मौका दे दिया है। मीडिया में भी ठीकठाक कवरेज राहुल और प्रियंका को मिला रहा है। पूरा मसला इलेक्ट्रॉल पॉलिटिक्स में कितना तब्दील होगा, ये अपने आप में बड़ा सवाल है। ऐसे में लालू यादव से राहुल को मिले टिप्स काम के हो सकते हैं।
पुण्यतिथि पर सियासी खिचड़ी?

दरअसल पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की शुक्रवार को पहली पुण्यतिथि थी। चिराग पासवान ने दिल्ली के अपने आवास पर आयोजन किया था। इसी कार्यक्रम में लालू यादव और राहुल गांधी की मुलाकात हुई। राहुल गांधी ने चिराग से काफी देर तक बात की। लालू यादव को भी उन्होंने समय दिया। ऐसे में नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई। कांग्रेस और लोक जनशक्ति पार्टी (पासवान) अगले चुनाव में साथ आ सकती हैं। फिलहाल 30 अक्टूबर को होनेवाले दो सीटों पर उपचुनाव में बिहार में सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
पासवान की तरह लालू परिवार में भी खटपट

अगर पासवान परिवार में चाचा-भतीजे में जंग चल रही है तो लालू परिवार में भी दोनों भाई आमने-सामने आ गए हैं। पटना में चिराग के चाचा और रामविलास पासवान के भाई केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने भी पुण्यतिथि का आयोजन किया। इसमें लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पहुंचे। जो भविष्य में एक नए समीकरण की शुरुआत भी हो सकती है। पारस ने तेज प्रताप का बड़े ही गर्मजोशी से स्वागत किया। उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी नजर रामविलास पासवान की विरासत पर है। वो भी पारस के आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पासवान से अपनी पुरानी दोस्ती की दुहाई देते नजर आए।
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