मरा आदमी कैसे करता रहा मेसेज? छलावे से भरी खौफनाक मर्डर की कहानी जो हिलाकर रख देगी
एक कहावत है न कि 'बड़े से बड़ा अपराधी भी कोई न कोई सबूत छोड़ता है या कहीं गलती कर ही जाता है।' हाल ही में फरीदाबाद में हुए प्रॉपर्टी डिलर दिनेश धवन मर्डर केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ। उसकी पत्नी अनु मुख्य आरोपी है। उसने कथित रूप से अपने प्रेमी और चार लोगों के साथ मिलकर पति को मौत की नींद सुला दिया। आइए जानते हैं कैसे पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कैसे किया।जनवरी के आखिरी हफ्ते में पुलिस सुरागकशी करते-करते दिनेश धवन के घर तक जा पहुंची। घर पर उनकी पत्नी अनु मिली। पुलिस ने दिनेश के बारे में पूछा तो अनु ने बताया कि वो तो काम के सिलसिले में झारखंड गए हैं। अनु ने पुलिसवालों से पूछा कि कुछ गलत हुआ है क्या? अनु ने कहा उसकी दिनेश से रोज टेक्स्टिंग और मेसेज के जरिए बात हो रही है। उसने कुछ मेसेज भी दिखाए। पुलिस झांसे में आ गई। पुलिस तब नहीं जानती थी कि अनु क्या छिपा रही है।Dinesh Dhawan murder case: एक ऐसा मर्डर केस जिसके बारे में जिसने भी सुना, उसकी रूह कांप गई। मर्डर जिसकी न केवल फूलप्रूफ प्लानिंग की गई, बल्कि ऐसी कहानी बनाई गई कि पुलिस भी गच्चा खा गई।

एक कहावत है न कि 'बड़े से बड़ा अपराधी भी कोई न कोई सबूत छोड़ता है या कहीं गलती कर ही जाता है।' हाल ही में फरीदाबाद में हुए प्रॉपर्टी डिलर दिनेश धवन मर्डर केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ। उसकी पत्नी अनु मुख्य आरोपी है। उसने कथित रूप से अपने प्रेमी और चार लोगों के साथ मिलकर पति को मौत की नींद सुला दिया। आइए जानते हैं कैसे पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कैसे किया।
जनवरी के आखिरी हफ्ते में पुलिस सुरागकशी करते-करते दिनेश धवन के घर तक जा पहुंची। घर पर उनकी पत्नी अनु मिली। पुलिस ने दिनेश के बारे में पूछा तो अनु ने बताया कि वो तो काम के सिलसिले में झारखंड गए हैं। अनु ने पुलिसवालों से पूछा कि कुछ गलत हुआ है क्या? अनु ने कहा उसकी दिनेश से रोज टेक्स्टिंग और मेसेज के जरिए बात हो रही है। उसने कुछ मेसेज भी दिखाए। पुलिस झांसे में आ गई। पुलिस तब नहीं जानती थी कि अनु क्या छिपा रही है।
नाले में मिली थी लाश, बीवी ने नहीं पहचाना

28 जनवरी को थाना डबुआ पुलिस को सूचना मिली थी कि नाले में एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर शिनाख्त के लिए बीके अस्पताल में रखवा दिया था। पुलिस ने अपने सूत्रों के माध्यम से पता किया तो पता चला कि सैनिक कॉलोनी में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर दिनेश कई दिनों से गायब हैं। मामले को देख रहे आईओ एडिशनल एसएचओ सब इंस्पेक्टर यासीन खान दिनेश के घर पर गए। उसकी पत्नी से जब पूछा कि क्या यह आपका पति है? तो उसने इनकार कर दिया। वहीं पर हरजीत सिंह भी था जो अपने आप को महिला का चाचा (दूर के रिश्ते में) बताता था। उसने भी लाश की शिनाख्त से मना कर दिया।
पुलिस को गच्चा दे रही थी अनु

पुलिस ने लाश को लेकर स्थानीय स्तर पर पूछताछ की। धवन के कुछ दोस्तों और परिचितों ने कहा कि उसे लंबे वक्त से देखा नहीं है। आखिरी बार उसे 11 जनवरी को देखा गया था। है। पुलिस को अनु के व्यवहार और वॉट्सऐप मेसेसेज से कुछ भी गलत नहीं लग रहा था। अनु ने कहा था कि दिनेश धवन झारखंड में थे।
दोस्तों, पड़ोसियों ने पहचाना मगर बीवी ने नहीं

पुलिस ने जब दिनेश के दोस्तों से शव की शिनाख्त कराई तो उन्होंने पहचान लिया। इसके बाद से पुलिस को अनु पर शक हो गया था। पुलिस ने आस-पड़ोस के अन्य लोगों से भी पूछताछ की थी। लाश की फोटो पड़ोसियों को दिखाई गई तो उन्होंने पहचान लिया। मगर अनु और उसके ’चाचा’ हरजीत नहीं मान रहे थे। उन्होंने कहा कि पड़ोसी ने गलती की होगी।
और ऐसे खुला झारखंड वाली बात का राज

मेसेज के अलावा मोबाइल में बात करने के और तरीके भी होते हैं। अनु ने दिनेश धवन के झारखंड में होने की बात कही थी, लेकिन जब जांचकर्ताओं ने धवन के 'फोन' की लोकेशन देखी, तो उन्होंने पाया कि फोन की लोकेशन फरीदाबाद में ही है। क्या यह मुमकिन था? जब मोबाइल फोन किसके पास है ये पता लगाया गया तो कहानी में विष्णु नाम के शख्स की एंट्री हुई जो नितिन का दोस्त था। नितिन, कौन?
11 जनवरी को हत्या..17 दिन बाद मिला शव

धवन झारखंड में नहीं थे। असल में वो इस दुनिया में ही नहीं थे। 50 साल के रियल एस्टेट डीलर की सैनिक कॉलोनी स्थित घर में हत्या कर दी गई थी। लाश पहले बॉक्स बेड के अंदर और फिर कुछ किलोमीटर दूर नाले में फेंक दी गई थी। उसकी हत्या 11 जनवरी को हुई थी और 17 दिन बाद शव तैरता हुआ दिखाई दिया था।
अनु को दिनेश की हत्या के लिए 2 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। उसके साथी नितिन, हरजीत और विष्णु और दो अन्य- दीपक और विनीत भी लपेटे में आए। महिला ने पति दिनेश को रास्ते से हटाने के लिए अपने मुंहबोले चाचा हरजीत और प्रेमी नितिन और उसके दोस्तों के साथ मिलकर योजना बनाई थी। योजना के तहत 11 जनवरी की रात अनु, नितिन और उसके दोस्त विनीत, विष्णु ने मिलकर दिनेश के सिर में डंडा मारकर और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
पहले घर में रखी लाश, फिर नाले में फेंक दी

योजना के तहम, हत्या के समय हरजीत को भी आना था लेकिन वह वक्त पर नहीं आया। वह सुबह 4 बजे पहुंचा था। हरजीत से कहा गया कि हमने काम कर दिया है, अब लाश को तुम ठिकाने लगा दो। हरजीत, विष्णु और अन्य ने मिलकर बाथरूम में से लाश निकाल कर उसे पॉलिथीन और रजाई के कवर और कंबल में लपेटकर बॉक्स बेड में रख दिया था। फिर पूरे घर की सफाई कर दी। जब लाश में से बदबू आने लगी तो अनु ने हरजीत और नितिन को कहा कि लाश को जल्दी से जल्दी ठिकाने लगाओ। हरजीत 18 जनवरी को रेहड़ी लेकर आया। दीपक और नितिन के साथ मिलकर लाश सहित पूरे बेड को रेहड़ी में डालकर उसे डबुआ एरिया के पास गंदे नाले में फेंक दिया था। जब लोगों ने पूछा कि बेड कहां लेकर जा रहे हो तो उन्होंने कहा कि इसकी मरम्मत करानी है।
2010 में हुई थी दिनेश-अनु की लव मैरिज

एडिशनल एसएचओ डबुआ ने बताया कि दिनेश और अनु ने 2010 में लव मैरिज की थी। दोनों सैनिक कॉलोनी स्थित अनु के भाई के घर में किराए पर रहते थे। दिनेश प्रॉपर्टी डीलिंग करता था। आरोपित नितिन, दिनेश का दोस्त था और उसके घर पर आता जाता था। वहीं से ही उसकी दोस्ती अनु से हो गई थी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद कर मंगलवार को उसे अदालत के सामने पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने हरजीत, नितिन और उसके दोस्त विनीत को भी फरीदाबाद के अलग-अलग एरियाज से गिरफ्तार किया गया है। अन्य दो आरोपी विष्णु और दीपक को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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