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आम्रपाली मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश- 7 करोड़ रुपये जमा करे ऐस डेवलपर्स

नई दिल्ली के दौरान () में (ACE Developers) ने माना कि उसकी देनदारी 7.23 करोड़ है। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह दिसंबर 2020 तक ये रकम सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराएं। बॉयर्स के वकील एमएल लाहौटी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने उन तमाम कंपनियों और आम्रपाली के डायरेक्टरों की लिस्ट सौंपी है, जिनके खाते में बॉयर्स का पैसा गया है। बॉयर्स के वकील एमएल लाहौटी (Lawyer ML Lahoty) ने बताया कि महागुन ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court News) को बताया है कि 33 करोड़ रुपये उन्होंने जमा कर दिए हैं। ऐस डेवलपर्स ने फॉरेंसिक ऑडिटर के आंकलन के मुताबिक 7 करोड़ से ज्यादा की देनदारी स्वीकार कर ली है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कहा है कि वह दिसंबर 2020 तक पैसे जमा करें। सुरेखा ग्रुप पर 760 करोड़ का बकाया है। लाहौटी ने इस बारे में ब्यौरा पेश किया। अब उक्त कंपनी की ओर से दलील पेश की जाएगी और उसके लिए अदालत ने 16 नवंबर की तारीख तय की है। 'होम बॉयर्स के पास 3870 करोड़ का बकाया' सीनियर एडवोकेट लाहौटी ने एनबीटी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में पिछली सुनवाई के दौरान तमाम ब्यौरा पेश किया गया है जिन कंपनियों और डायरेक्टर से रिकवरी की जानी है। डायरेक्टरों ने होम बॉयर्स के पैसे डायवर्ट कर जो संपत्ति बनाई है, उसे बेचा जाना चाहिए। 23 जुलाई 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने डिटेल आदेश पारित किया था। इसके तहत बताया गया था कि होम बॉयर्स का 5619 करोड़ रुपये अलग-अलग तरीके से डायवर्ट हुआ है। कुल 46456 यूनिट एनबीसीसी को बनाना है। फंड की कमी है। एनबीसीसी को 8 हजार 16 करोड़ रुपये चाहिए। होम बॉयर्स के पास 3870 करोड़ का बकाया है। इस हिसाब से 4160 करोड़ और चाहिएं। आदेश पर अमल किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत, आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी अनिल शर्मा ने 2996 करोड़ डायवर्ट किए हैं। साथ ही अन्य डायरेक्टरों के नाम पर जो फंड डायवर्ट हुए हैं, उनसे 912 करोड़ की रिकवरी होनी है। लाहौटी ने बताया कि कुल 5856 फ्लैट कम कीमत पर बेचा गया है। उसमें 321 करोड़ की रिकवरी है। साथ ही जो अनसोल्ड यूनिट और कमर्शल प्रॉपर्टी बेची जानी है, उससे 2337 करोड़ आने हैं। इस बारे में अदालत के आदेश पर अमल किया जाना चाहिए। ताकि पैसे की रिकरवी हो सके। अदालत ने पावर कंपनी को दिया ये निर्देश इसी बीच पावर कंपनी की ओर से बताया गया कि नोएडा एक्सटेंशन में मौजूद लेजर वैली विला में रहने वाले लोग बिजली का बकाया भुगतान नहीं कर रहे हैं। ऐसे में बिजली का भारी बकाया हो गया है। अदालत ने पावर कंपनी को निर्देश दिया है कि वह उन बॉयर्स पर अपनी पॉलिसी के तहत कार्रवाई करें।


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आम्रपाली मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश- 7 करोड़ रुपये जमा करे ऐस डेवलपर्स आम्रपाली मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश- 7 करोड़ रुपये जमा करे ऐस डेवलपर्स Reviewed by Fast True News on November 02, 2020 Rating: 5

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