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अपने ही बिगाड़ सकते हैं लवली आनंद का खेल? वायरल चिट्ठी से बढ़ी टेंशन

कुमार बंदन वर्मासहरसा पूर्व सांसद आनंद मोहन की पत्नी सहरसा से चुनावी मैदान में हैं। बेटे के साथ लवली आनंद को भी इस बार आरजेडी ने टिकट दिया है। लेकिन इस बार का चुनाव लवली आनंद के लिए चुनौतियों से भरा पड़ा है। लवली आनंद को इस बार चुनौती न सिर्फ विपक्षी खेमे से मिलने वाला है, बल्कि राजद के निर्वतमान विधायक और पार्टी के जिला स्तरीय वरिष्ठ नेताओं से भी भीतरघात किए जाने की पूरी संभावना है। दरअसल, बीते दिनों जब पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तरफ से लवली आनंद को राजद का टिकट दिए जाने की प्रक्रिया चल रही थी। ठीक उसी वक्त सहरसा में जिला राजद के संभावित प्रत्याशियों की एक आपात बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नाम सहरसा के निवर्त्तमान विधायक अरुण कुमार, जिला अध्यक्ष मोहम्मद ताहिर और 3 अन्य संभावित प्रत्याशियों के संयुक्त हस्ताक्षरित एक पत्र लिखा था। उस पत्र में कहा गया था कि अगर रामदेव शर्मा (पूर्व में संभावित नाम) जैसे लोगों को टिकट दिया गया, तो हमलोग पुरजोर विरोध करेंगें। साथ ही यह भी कहा गया था कि इन पांचों में ही किसी को सहरसा से राजद का टिकट दिया जाता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। पुनः इस पत्र को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सार्वजनिक भी किया गया है। चिट्ठी वायरल होने पर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि लवली आनंद को यहां से भीतरघात का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि यह सही है कि 90 फीसदी ग्रामीण परिवेश वाले इस विधानसभा क्षेत्र में यादव मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। मुस्लिम मतदाता भी 14 फीसदी हैं और राजपूत मतदाता भी संख्या बल के हिसाब से तीसरे नंबर पर है। साथ ही पिछले 2015 के चुनाव में राजद की जीत भी 39209 मतों के विशाल अंतर से हासिल हुई थी। बावजूद इस बात को नजरदांज नहीं किया जा सकता है कि पिछले चुनाव के जीत में जदयू की भी हिस्सेदारी थी। और फिर लवली आनंद हमेशा से दल बदलती रही हैं। जहां तक यादव और राजपूत मतदाताओं का सवाल है तो सहरसा जिले के यादवों के बीच जदयू सांसद दिनेश चंद्र यादव के पैठ को भी नकारा नहीं जा सकता है। दूसरी तरफ राजपूतों के बीच किसी जमाने में आनंद मोहन के शिष्य रहे बीजेपी के छातापुर विधायक नीरज सिंह बबलू की भी अच्छी पकड़ मानी जाती है। इन हालातों के बीच चुनाव परिणाम इस बात पर निर्भर करता है कि लवी आनंद आम जनता के बीच अपनी छवि किस तरह से पेश करती हैं। जिससे के अपने गृह जिले में चुनाव लड़ते हुए उनकी साख बच जाए। अभी के समीकरण को देखें, तो उनकी राहें आसान नहीं हैं।


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अपने ही बिगाड़ सकते हैं लवली आनंद का खेल? वायरल चिट्ठी से बढ़ी टेंशन अपने ही बिगाड़ सकते हैं लवली आनंद का खेल? वायरल चिट्ठी से बढ़ी टेंशन Reviewed by Fast True News on October 12, 2020 Rating: 5

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