अटल टनल: तो 2040 में पूरी होती यह सुरंग, पीएम मोदी की बड़ी बातें
मनाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की सबसे लंबी हाइवे टनल '' का उद्घाटन कर दिया है। अब यह टनल आम लोगों की आवाजाही के लिए खुल जाएगी। इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर भी मौजूद रहे। पीएम मोदी इसके बाद कुछ जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। बता दें कि समुद्र तल से 10,000 फीट ऊंचाई में बनी यह सुरंग लेह को मनाली से जोड़ती है। यह सुरंग भारत और चीन की सीमा से ज्यादा दूर नहीं है इसलिए रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं इस कार्यक्रम की ताजा अपडेट्स। पीएम मोदी ने उद्घाटन के बाद क्या कहा?प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल में बिताए दिनों को याद किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मोदी अक्सर यहां आया करते थे। मोदी ने कहा, "आज सिर्फ अटल जी का ही सपना नहीं पूरा हुआ है, आज हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का भी दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज अटल टनल के लोकार्पण का अवसर मिला है।" पीएम मोदी ने कहा कि 'इस टनल से मनाली और केलॉन्ग के बीच की दूरी 3-4 घंटे कम हो ही जाएगी। पहाड़ के मेरे भाई-बहन समझ सकते हैं कि पहाड़ पर 3-4 घंटे की दूरी कम होने का मतलब क्या होता है।' यूपीए सरकार पर निशाना साधापीएम मोदी ने कहा कि वाजपेयी सरकार जाने के बाद इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने कहा, "साल 2002 में अटल जी ने इस टनल के लिए अप्रोच रोड का शिलान्यास किया था। अटल जी की सरकार जाने के बाद, जैसे इस काम को भी भुला दिया गया। हालत ये थी कि साल 2013-14 तक टनल के लिए सिर्फ 1300 मीटर का काम हो पाया था। एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस रफ्तार से 2014 में अटल टनल का काम हो रहा था, अगर उसी रफ्तार से काम चला होता तो ये सुरंग साल 2040 में जाकर पूरा हो पाती। आपकी आज जो उम्र है, उसमें 20 वर्ष और जोड़ लीजिए, तब जाकर लोगों के जीवन में ये दिन आता, उनका सपना पूरा होता।" हमने 6 साल में काम पूरा कर लिया: मोदीमोदी ने कहा कि पिछली सरकार की उपेक्षा के बावजूद उनकी सरकार ने तेजी दिखाई। उन्होंने कहा, "अटल टनल के काम में 2014 के बाद, अभूतपूर्व तेजी लाई गई। नतीजा ये हुआ कि जहां हर साल पहले 300 मीटर सुरंग बन रही थी, उसकी गति बढ़कर 1400 मीटर प्रति वर्ष हो गई। सिर्फ 6 साल में हमने 26 साल का काम पूरा कर लिया।" DBO के डेवलपमेंट का मुद्दा भी उठायापीएम मोदी ने दौलत बेग ओल्डी एयरस्ट्रिप को बंद रखने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अटल टनल की तरह ही अनेक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के साथ ऐसा ही व्यवहार किया गया। लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी के रूप में सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण एयर स्ट्रिप 40-45 साल तक बंद रही। क्या मजबूरी थी, क्या दबाव था, मैं इसके विस्तार में नहीं जाना चाहता।" पीएम मोदी ने आगे कहा, "अटल जी के साथ ही एक और पुल का नाम जुड़ा है- कोसी महासेतु का। बिहार में कोसी महासेतु का शिलान्यास भी अटल जी ने ही किया था। 2014 में सरकार में आने के बाद कोसी महासेतु का काम भी हमने तेज करवाया। कुछ दिन पहले ही कोसी महासेतु का भी लोकार्पण किया जा चुका है।" जवानों की सुविधा हमारी प्राथमिकता: मोदीपीएम मोदी ने कहा, "बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए पूरी ताकत लगा दी गई है। सड़क बनाने का काम हो, पुल बनाने का काम हो, सुरंग बनाने का काम हो, इतने बड़े स्तर पर देश में पहले कभी काम नहीं हुआ। इसका बहुत बड़ा लाभ सामान्य जनों के साथ ही हमारे फौजी भाई-बहनों को भी हो रहा है।" उन्होंने कहा कि 'हमारी सरकार के फैसले साक्षी हैं कि जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं। देश हित से बड़ा, देश की रक्षा से बड़ा हमारे लिए और कुछ नहीं।' उन्होंने कहा, "देश में ही आधुनिक अस्त्र-शस्त्र बने, मेक इन इंडिया हथियार बनें, इसके लिए बड़े रिफॉर्म्स किए गए हैं। लंबे इंतज़ार के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अब हमारे सिस्टम का हिस्सा है। देश की सेनाओं की आवश्यकताओं के अनुसार प्रोक्योरमेंट और प्रॉडक्शन, दोनों में बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है।" राजनाथ बोले, सप्लाई भेजने में आसानी होगीरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सेना पर तैनात हमारे जवानों के लिए राशन, सप्लाई और अन्य लॉजिस्टिक्स सप्लाई करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यह टनल बिल्कुल दो देशों की सीमा पर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह सुरंग देश की जनता के अलावा, सीमा पर सुरक्षा करने वाले जवानों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समर्पित है। सिंह ने सुरंग के निर्माण में योगदान देने वालों को धन्यवाद दिया। हिमाचल प्रदेश सीएम ने समझाई सुरंग की अहमियतहिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का कोविड के वक्त में आने के लिए शुक्रिया अदा किया। ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश के लिए योगदान देने में किसी से पीछे नहीं है। उन्होंने सुरंग की अहमियत समझाते हुए बताया कि चार महीने तक रास्ता बंद हो जाता था। इमर्जेंसी में हेलिकॉप्टर भी भेजते तो मौसम की समस्या आती थी। इस सुरंग से ये सारी दिक्कतें खत्म हो जाएंगी। मनाली और लेह की दूरी 46 किलोमीटर कमअटल सुरंग बनने से पहले यह घाटी भारी बर्फबारी के कारण लगभग छह महीने तक संपर्क से कटी रहती थी। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण यह सुरंग हिमालय की पीर पंजाल श्रृंखला में औसत समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर अति-आधुनिक विशिष्टताओं के साथ बनाई गई है। इस सुरंग से मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय भी चार से पांच घंटे कम हो जाएगा। अटल सुरंग को अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ प्रतिदिन 3000 कारों और 1500 ट्रकों के यातायात घनत्व के लिए डिजाइन किया गया है। वाजपेयी सरकार में रखी गई थी नींव अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने रोहतांग दर्रे के नीचे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग का निर्माण कराने का निर्णय किया था। सुरंग के दक्षिणी पोर्टल पर संपर्क मार्ग की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई थी। मोदी सरकार ने दिसंबर 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान में सुरंग का नाम अटल सुरंग रखने का निर्णय किया था, जिनका निधन पिछले वर्ष हो गया।
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अटल टनल: तो 2040 में पूरी होती यह सुरंग, पीएम मोदी की बड़ी बातें
Reviewed by Fast True News
on
October 03, 2020
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