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5 द्वार, अष्टकोण... यूं होगा राम मंदिर का नक्शा!

अयोध्या अयोध्या में कैसा होगा प्रभु श्रीराम का मंदिर? कितने दरवाजे होंगे और इसका आर्किटेक्ट कितना भव्य होगा? ऐसे बहुत सारे सवाल हिंदू धर्मावलंबियों के लिए कौतूहल जगा रहे हैं। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अयोध्या में राम मंदिर का रास्ता साफ हुआ और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ऐलान किया गया। दिल्ली में ट्रस्ट की पहली बैठक में मंदिर के नक्शे और स्वरूप को लेकर भी चर्चा होने के आसार हैं। आइए जानते हैं कैसा हो सकता है राम मंदिर: वैसे तो ट्रस्ट को यह आजादी है कि वह मंदिर निर्माण का नया नक्शा खुद ही तैयार करा सकता है लेकिन माना यही जा रहा है कि मंदिर आंदोलन की अगुआ विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने चंद्रकांत सोमपुरा से जो तैयार कराया था उसी के तहत राम मंदिर का निर्माण होगा। यह मॉडल भगवान विष्णु के पसंदीदा अष्टकोणीय आकार में होगा। नागर शैली में पूर्णतया पत्थरों से बनने वाले दो मंजिला मंदिर में पांच प्रखंड होंगे। 128 फीट ऊंचा, 140 फीट चौड़ा और 268 फीट लंबा होगा मंदिर वीएचपी ने कई साल मंदिर निर्माण के लिए अलग-अलग नक्शों पर विचार किया और फिर एक नक्शा तैयार किया। इस नक्शे को राम मंदिर का मूल स्वरूप माना जा रहा है। इस प्रस्तावित नक्शे के मुताबिक मंदिर 128 फीट ऊंचा, 140 फीट चौड़ा और 268.5 फीट लंबा होगा। इस दो मंजिला मंदिर में 212 स्तंभ होंगे। इसकी छत पर एक शिखर होगा, जिसे भव्यता को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। मंदिर में पांच प्रवेशद्वार (सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंग मंडप, पूजा-कक्ष और गर्भगृह) होंगे। रामलला की मूर्ति निचले स्तर पर ही विराजमान होगी। खास बात यह है कि मंदिर में लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। पूरे मंदिर के निर्माण में करीब 1.75 लाख घन फुट पत्थर की आवश्यकता होगी। पढ़ें: 1990 से शुरू हो गया था पत्थरों का काम मंदिर निर्माण के लिए द्वार और स्तंभों की नक्काशी कई साल से चल रही है। हालांकि, गर्भगृह का निर्माण अभी होना है जहां मूर्ति की पूजा की जाएगी। बताया जाता है कि स्तंभ तैयार हैं लेकिन गर्भगृह की तैयारी अभी नहीं हुई है। अभी तक 106 स्तंभ बनकर तैयार हो चुके हैं और 106 स्तंभों की नक्काशी अभी होनी है। पत्थरों का काम 1990 में ही शुरू हो चुका था और इसलिए इसमें बहुत सारा काम पहले ही हो चुका है। पढ़ें: 2024-25 तक बनकर तैयार हो सकता है राम मंदिर सूत्रों के मुताबिक मंदिर निर्माण का कार्य आसान नहीं है और इसे पूरा करने में कम से कम चार साल लगेंगे। सड़कें ठीक नहीं हैं इसलिए पत्थरों की आपूर्ति की रफ्तार सुस्त है। इसके अलावा हस्तशिल्प नक्काशी में समय लगता है। हालांकि, भूतल के लिए जितनी नक्काशी की आवश्यकता है वह पूरी हो चुकी है। यह भी कहा जा रहा है कि 2024-25 तक अयोध्या में करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र भव्य राममंदिर मूर्त रूप ले लेगा। नागर शैली में पूर्णतया पत्थरों से बनने वाले दो मंजिला मंदिर में पांच प्रखंड होंगे। पढ़ें: 2 अप्रैल से मंदिर निर्माण शुरू होगा? इस बात की संभावना प्रबल है कि राम नवमी यानी 2 अप्रैल से मंदिर निर्माण शुरू करने की तारीख का ऐलान हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मणिराम दास छावनी के नृत्य गोपाल दास और वीएचपी के चंपत राय को ट्रस्ट में शामिल करने पर इस बैठक में मुहर लगेगी। केंद्र की मोदी सरकार ने इसी महीने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों का ऐलान किया था। 15 सदस्यीय ट्र्स्ट में अभी के परासरन समेत 9 सदस्य हैं। जनता से पैसा लेंगे या नहीं? इसपर चर्चा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक दिल्ली में ग्रेटर कैलाश-1 स्थित कार्यालय में बुलाई गई है। इस दौरान आम जनता से धन का सहयोग लेने जैसे मुद्दों पर भी फैसला लिया जा सकता है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो। ट्रस्ट इस पर भी विचार करेगा कि निर्माण कार्य के दौरान रामलला की मूर्ति कहां रखी जाए। बैठक में अयोध्या के मास्टर प्लान पर भी चर्चा होगी।


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5 द्वार, अष्टकोण... यूं होगा राम मंदिर का नक्शा! 5 द्वार, अष्टकोण... यूं होगा राम मंदिर का नक्शा! Reviewed by Fast True News on February 19, 2020 Rating: 5

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