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अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट चीफ बनने की मची होड़

नई दिल्ली/अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए नए ट्रस्ट की रूपरेखा बनने के बीच इसका चीफ बनने के लिए बड़े संतों और धर्माचार्यों में होड़ मच गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के बाद निर्मोही अखाड़ा ने भी ट्रस्ट में न सिर्फ शामिल होने बल्कि अध्यक्ष या सचिव पद की मांग करके हलचल मचा दी है। अयोध्या के संत-महंत पसोपेश में हैं कि वे किस प्रमुख आश्रम के साथ खड़े हों। मंदिर के लिए बनने वाले ट्रस्ट पर श्रीरामजन्मभूमि न्यास, श्रीरामजन्मभूमि रामालय न्यास और श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास में दावेदारी गरम है। श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने फैसला आने के बाद कहा था कि हमारी अध्यक्षता में राममंदिर बनेगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को मंदिर के पक्ष में फैसला देते हुए केंद्र सरकार से मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या ऐक्ट 1993 के तहत राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट की योजना और शर्तें तय करने को कहा था। साथ ही मस्जिद के लिए सरकार से अयोध्या में ही प्रमुख जगह पर पांच एकड़ भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने के निर्देश दिए थे। केंद्र सरकार कोर्ट के दोनों ही आदेशों पर अभी विचार कर रही है। अयोध्या प्रशासन से कई दस्तावेज मांगे गए हैं, कई रिपोर्ट तलब की गई है। ट्रस्ट किस तरह का होगा, इसकी जानकारी किसी भी पक्ष के पास नहीं है। प्रशासनिक अफसरों तक को कोई सूचना नहीं है। बताया जाता है कि इस मामले को होम मिनिस्ट्री के बजाय सीधे पीएमओ देख रहा है। 'फैसले को चुनौती देने वाले देशद्रोही' पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसले पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने जा रहे लोग देशद्रोही हैं और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। मोदी से मिलेंगे अखाड़े के लोग भूमि विवाद मामले में मुख्य वादियों में से एक निर्मोही अखाड़े ने अगले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने का फैसला किया है। इस दौरान अखाड़ा राम मंदिर ट्रस्ट में महत्वपूर्ण पद को लेकर दावा करेगा और रामानंदी वैष्णव संप्रदाय के लिए भगवान राम की पूजा को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका की मांग करेगा। यह निर्णय अयोध्या में अखाड़े के प्रमुख साधुओं की हुई बैठक में लिया गया है। अखाड़े का संबंध रामानंदी वैष्णव संप्रदाय से है और कई दशकों से अखाड़ा रामजन्मस्थान में पूजा के अधिकार की मांग कर रहा है। निर्मोही अखाड़ा के वकील और प्रवक्ता रंजीत लाल वर्मा ने कहा, रामजन्मभूमि मंदिर में निर्मोही अखाड़े की ऐतिहासिक उपस्थिति है और राम लला को पूजने का अधिकार हमेशा निर्मोही अखाड़े के पास रहा है। वर्मा ने कहा कि निर्मोही अखाड़ा प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा और बाद में इसकी कार्यकारिणी फिर से अयोध्या में यह चर्चा करने के लिए बैठक करेगी कि उन्हें फैसले के निर्देशानुसार उपयुक्त स्थान दिया गया है या नहीं। मुस्लिम संगठन देंगे 5 लाख अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए असम के 21 मुस्लिम संगठनों ने ट्रस्ट में 5 लाख रुपये देने की घोषणा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जोमोगुस्थिया सोमोन्नय परिषद असम (जेएसपीए) ने यह ऐलान किया है। जेएसपीए के चेयरमैन और बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता सैयद मुमीनुल ओवाल ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हम खुश हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक लंबे विवाद का अंत हुआ।


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अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट चीफ बनने की मची होड़ अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट चीफ बनने की मची होड़ Reviewed by Fast True News on November 18, 2019 Rating: 5

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