केंद्र शासित बनने से मिलेगा क्या फायदा? जानें
नई दिल्ली केंद्र सरकार के जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर और को अलग अलग यूनियन टेरिटरी बनाने के बाद अलग अलग मंत्रालयों में यहां के लिए काम करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। सभी मंत्रालयों को इस संदर्भ में निर्देश दिए गए हैं कि वह इन दोनों नई यूनियन टेरिटरी के लिए जो भी अलग विभाग या टीम बनानी हैं तुरंत उसका गठन कर लें, ताकि वहां विकास के काम जल्द से जल्द शुरू किए जा सकें। अब तक आर्टिकल 370 होने की वजह से जम्मू-कश्मीर में वह कानून लागू नहीं होते थे जिसे जम्मू-कश्मीर विधानसभा पास नहीं करती थी। इसमें राइट टू एजेकुशन ऐक्ट समेत कई दूसरे ऐक्ट भी हैं। इन दोनों नई यूनियन टेरिटरी में बच्चों पर भी ध्यान देना शुरू हुआ है। महिला और विकास मंत्रालय के तहत आने वाला नैशनल कमिशन फॉर प्रटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स यानी एनसीपीसीआर देश में बाल अधिकारों की सर्वोच्च संस्था है। अब कमिशन ने जम्मू-कश्मीर सेल और लद्दाख सेल गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये सेल पूरी तरह से इन दो नई यूनियन टेरिटरी का काम देखेगी। कमिशन के चेयरमैन प्रियंक कानूनगो ने कहा कि अब वहां बच्चों को उनके मूलभूत अधिकार मिल सकेंगे। कमिशन पूरी ताकत से वहां बच्चों को उनके अधिकार दिलाएगा और उनकी रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि जेजे ऐक्ट में बच्चों को बहुत सारे प्रटेक्शन मिले हैं। अगर बच्चों को कोई गैरकानूनी गतिविधि में शामिल करता है तो उसे सख्त सजा का प्रावधान है जबकि बच्चे को देखभाल की जरूरत का हकदार माना जाता है। यह बच्चे की सुरक्षा का एक बहुत बड़ा कवर है। गौरतलब है कि कश्मीर में जब भी पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आती हैं तो उसमें बच्चे भी होते हैं। अब इससे जेजे एक्ट के तहत डील किया जा सकेगा। साथ ही वहां बच्चों के अडॉप्शन की प्रक्रिया भी लीगल हो जाएगी और बाल विवाह पर भी कमिशन सख्त कदम उठा सकेगा। एनसीपीसीआर देश भर में मॉनिटरिंग का काम करती है और देखती है कि हर जगह बच्चे के राइट टू सर्वाइवल, राइट टू डिवेलप, राइट टू प्रटेक्शन और राइट टू पार्टिशिपेट की रक्षा हो। अगर देश में कहीं भी बच्चे को उसके अधिकार से वंचित रखा जा रहा है तो एनसीपीसीआर से शिकायत की जा सकती है, कमिशन शिकायत देखता है और खुद भी संज्ञान लेता है। लेकिन अब तक आर्टिकल-370 की वजह से जम्मू-कश्मीर में एनसीपीसीआर कोई दखल नहीं दे सकता था, न शिकायत सुन सकता था ना ही उसका संज्ञान ले सकता था।
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केंद्र शासित बनने से मिलेगा क्या फायदा? जानें
Reviewed by Fast True News
on
August 19, 2019
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