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सरकार के खिलाफ एकजुट होना चाहता है विपक्ष

नई दिल्ली विरोधी नेताओं के खिलाफ एजेंसियों के इस्तेमाल किए जाने को लेकर सहित विपक्ष ने देश भर में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। इन दिनों कांग्रेस के सीनियर नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री के खिलाफ सीबीआई और ईडी जैसी जांच एजेंसियों की कार्रवाई और एमएनएस के नेता के खिलाफ ईडी से पूछताछ जैसे मामलों को लेकर इस विरोध की तैयारी की गई है। गौरतलब है कि जिस तरह से पी चिदंबरम के खिलाफ जांच एजेंसियों का मामला चल रहा है। इसे कांग्रेस बदले की राजनीति और निजी हितों से जोड़ कर देख रही है। इतना ही नहीं, इस मामले में पूरी कांग्रेस एक सुर में चिदंबरम के साथ खड़ी नजर आ रही है। कांग्रेस ने अब इस मामले में पूरे विपक्ष को एकजुट करने की योजना बनाई है। इसके लिए कांग्रेस के सीनियर नेता और प्रमुख रणनीतिकार दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं के लगातार संपर्क में हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस विपक्ष को इस आधार पर एकजुट कर रही है कि अलग-अलग दलों के नेताओं के खिलाफ मोदी सरकार के दौर में किस तरह से जांच एजेंसियों द्वारा केस चलाए गए और विरोधी नेताओं के खिलाफ एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया। इनमें पी चिदंबरम से लेकर कार्ति चिदंबरम, राज ठाकरे, एसपी नेता आजम खान के खिलाफ कार्रवाई जैसे तमाम मामलों को लेकर विरोध का सुर बुलंद करने की योजना बनाई गई है। इसमें जम्मू कश्मीर इलाके के नेताओं को नजरबंदी को भी जोड़ा गया है। विपक्ष की योजना है कि वह विरोधियों के खिलाफ हो रही कार्रवाइयों को लेकर लोगों के बीच यह बात रखने की कोशिश करे कि कैसे मोदी सरकार राजनैतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। साथ ही, विपक्ष लोगों के सामने यह दलील भी देने की कोशिश करेगा कि कैसे मोदी सरकार जमीनी मुद्दों से लोगों का ध्यान बंटाने के लिए विरोधियों के खिलाफ ऐसे मामले ला रही है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के सीनियर नेता टीएमसी, डीएमके, एनसीपी, सीपीएम, सीपीआई, एसपी, आरजेडी, जेएमएम, नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं के संपर्क में हैं। बताया जाता है कि बीएसपी से भी इस मामले में बात हुई है। उन्होंने समर्थन का भरोसा दिया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों इनकम टैक्स विभाग की ओर से मायावती के भाई पर शिकंजा कसा गया था। जबकि विपक्ष गुरुवार को ईडी द्वारा राज ठाकरे से पूछताछ के मामले को भी इससे जोड़ना चाह रहे हैं। पार्टी के एक सूत्र का कहना था कि इस मसले को लेकर ठाकरे से भी संपर्क में हैं। विपक्ष की ओर से देशव्यापी विरोध की कवायद में वह भी जुड़ सकते हैं। वहीं दूसरी ओर चिदंबरम के मामले में कांग्रेस के साथ-साथ विपक्ष भी साथ आने लगा है। यूपीए के घटक रहे डीएमके के सुप्रीमो स्टालिन का कहना था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री की गिरफ्तारी के पीछे राजनीतिक प्रतिशोध है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस तरह से सीबीआई ऑफिसर चिदंबरम के घर की दीवारें फांदते दिखाई दिए, उसे मैं भारत का अपमान मानता हूं। यह निंदनीय है। जबकि गुरुवार को विपक्ष की ओर से कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में जुटे नेताओं में कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद, सीपीएम के सीताराम येचुरी, सीपीआई के डी राजा, एसपी नेता रामगोपाल यादव, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, आरजेडी के मनोज झा और टीएमसी की ओर से दिनेश त्रिवेदी शामिल हुए। इन नेताओं ने मांग की कि जम्मू कश्मीर में हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा किया जाए और वहां दूरसंचार सेवाएं बहाल की जाएं।


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सरकार के खिलाफ एकजुट होना चाहता है विपक्ष सरकार के खिलाफ एकजुट होना चाहता है विपक्ष Reviewed by Fast True News on August 22, 2019 Rating: 5

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