बागी MLAs को 'खतरा', पुलिस से मांगी सुरक्षा
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बेंगलुरु कर्नाटक में सत्तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन और विपक्षी बीजेपी के बीच शह और मात का खेल जारी है। राज्य में जारी राजनीतिक 'नाटक' में अब एक नया मोड़ आ गया है। राज्य विधानसभा में विश्वास मत से ठीक पहले जहां यू टर्न करने वाले कांग्रेस विधायक एमटीबी नागराज वापस मुंबई पहुंच गए हैं, वहीं बागी विधायकों ने खुद को गंभीर खतरा बताते हुए मुंबई पुलिस से सुरक्षा मांगी है। विधायकों ने कहा कि वे किसी से भी कांग्रेस नेता से मिलना नहीं चाहते हैं। कांग्रेस विधायक नागराज के वापस मुंबई चले जाने के बाद अब एक बार फिर कर्नाटक की जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार गंभीर संकट में फंसती दिख रही है। इस बीच कर्नाटक के बागी विधायकों ने मुंबई पुलिस के कमिश्नर को पत्र लिखकर मांग की है कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए। पिछले सप्ताह राज्य विधानसभा से इस्तीफा देने वाले इन विधायकों ने कहा कि कांग्रेस के नेता उनसे मिलने का प्रयास कर सकते हैं। खड़गे और जी परमेश्वर आज मुंबई जा सकते हैं बताया जा रहा है कि कांग्रेस के महासचिव मल्लिकार्जुन खड़गे और कर्नाटक के डेप्युटी सीएम जी परमेश्वर आज सुबह मुंबई जाकर इन बागी विधायकों से मिलने का प्रयास कर सकते हैं। उनकी कोशिश रहेगी कि बागी विधायकों को मनाकर राज्य सरकार को बचाया जा सके। अपने पत्र में बागी विधायकों ने एक और कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद का भी नाम लिया है। विधायकों ने अपने पत्र में कहा कि उनका गुलाम नबी आजाद या महाराष्ट्र या कर्नाटक के किसी भी कांग्रेस नेता से मिलने का कोई इरादा नहीं है। हमें उनसे गंभीर खतरा है। इससे पहले पार्टी के संकटमोचक डीके शिवकुमार मुंबई गए थे लेकिन विधायकों ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया था। उधर, कर्नाटक में कांग्रेस के बागी विधायक एमटीबी नागराज को मनाने की कोशिशें संभवत: नाकाम रहने के बाद वह रविवार को मुंबई रवाना हो गए। 'नागराज एक अन्य नाराज विधायक को मनाने के गए' हालांकि, कांग्रेस ने विश्वास जताया है कि नागराज एक अन्य नाराज विधायक को मनाने के गए हैं। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के नेताओं ने शनिवार को नागराज से बातचीत की थी ताकि कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी नेतृत्व वाली सरकार को बचाने के लिए उन्हें मनाया जा सके। हालांकि, होस्कोटे से विधायक नागराज ने कहा है कि वह चिकबल्लापुर के विधायक के सुधाकर से बातचीत के बाद अपना इस्तीफा वापस लेने पर अंतिम फैसला लेना चाहते हैं। सुधाकर अन्य असंतुष्ट विधायकों के साथ मुंबई में हैं। नागराज और सुधाकर ने एक साथ 10 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार को त्यागपत्र दिए थे। नागराज के एक चार्टर्ड उड़ान में सवार होने की तस्वीरें कई स्थानीय समाचार चैनलों पर दिखाई गईं। इस बीच, कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री एच के पाटिल ने कहा, ‘नागराज को जरूर सुधाकर के मुम्बई में होने की जानकारी मिली होगी और मुझे लगता है कि वह उसे ही वापस लेने गए होंगे।’ कुमारस्वामी सरकार पर संकट के बादल मुंबई के लिए रवाना होने से पहले नागराज ने पत्रकारों से कहा, ‘सुधाकर ने अपना फोन बंद कर लिया है और पिछले दो दिन से उनसे कोई सम्पर्क नहीं हो पाया है। सुधाकर को समझा-बुझाकर, मैं उन्हें वापस लाने की कोशिश करूंगा। क्योंकि हम दोनों ने इस्तीफा दिया था, इसलिए हम एक साथ रहना चाहते हैं। मैंने कांग्रेस नेताओं को इसकी जानकारी दे दी है।’ अब भी कांग्रेस में होने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने उनसे इस्तीफा वापस लेने को कहा है। उन्होंने कहा, ‘मैं भी इसकी कोशिश कर रहा हूं (इस्तीफा वापस लेने की)। बात बस इतनी है कि मुझे सुधाकर से मिलना है, मैंने उनसे मुलाकात नहीं की है। मैं उनसे मिलूंगा।’ सत्तारूढ़ गठबंधन में अध्यक्ष को छोड़कर कुल 116 विधायक (कांग्रेस के 78, जेडीएस के 37 और बीएसपी के 1) हैं। दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ 224 सदस्यीय सदन में बीजेपी के विधायकों की संख्या 107 है। बागी विधायकों का इस्तीफा मंजूर करने के भय के चलते कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। अगर 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए जाते हैं तो गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 100 रह जाएगी। कुमारस्वामी सरकार आज या मंगलवार को विश्वासमत प्रस्ताव ला सकती है।
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बागी MLAs को 'खतरा', पुलिस से मांगी सुरक्षा
Reviewed by Fast True News
on
July 14, 2019
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