करगिल के बंकर से IIM, दिल छू लेगी कहानी
करगिल/श्रीनगर यूं तो का नाम आते ही हर हिंदुस्तानी के मन में 1999 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की तस्वीरें सामने आ जाती हैं। करगिल को भले ही 1999 के युद्ध के कारण ही जाना जाता हो, लेकिन यहां के ही जन्मे एक युवा ने अब इस स्थान की पहचान बदलने की कोशिश शुरू की है। करगिल के रहने वाले मुजामिल अनवर ने अब करगिल को एक ऐसे संस्थान का गढ़ बनाने का सपना देखा है, जहां जम्मू-कश्मीर के आम बच्चे मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों के ऐ़डमिशन टेस्ट की तैयारी करने आ सकें। कभी करगिल युद्ध के दौरान अपने घर के बाहर बने बंकरों में क्रिकेट खेलने वाले मुजामिल देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद से ग्रैजुएट हैं और फिलहाल वेदांता समूह के साथ काम कर रहे हैं। मुजामिल फिलहाल राजस्थान के उदयपुर में रहते हैं और वेदांता समूह के सीएसआर हैंडल के साथ काम कर रहे हैं। 30 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर कैंपस प्लेसमेंट में सेलेक्ट हुए मुजामिल को वेदांता समूह ने राजस्थान और गोवा में वर्ल्ड क्लास फुटबॉल लर्निंग सेंटर बनाने की जिम्मेदारी दी है। करगिल की तस्वीर बदलने की चाहतभले ही मुजामिल का कार्यक्षेत्र राजस्थान और गोवा हो, लेकिन उनका मन अब भी करगिल के लोगों के लिए नई उम्मीदों को पूरा करना चाहता है। मुजामिल कहते हैं,'मैं करगिल के बच्चों के लिए एक अकैडमी खोलना चाहता हूं, जहां जम्मू-कश्मीर के युवा आकर बी-स्कूल्स के कॉमन ऐडमिशन टेस्ट (कैट) की कोचिंग ले सकें। 'आईआईएम जैसे संस्थानों को नहीं जानते लोग' मुजामिल ने कहा कि साल 2016-18 में मेरे साथ के तमाम लोगों ने मुझसे आईआईएम में जाने और कैट क्रैक करने की स्ट्रैटेजी पूछी, लेकिन इनमें से करगिल का कोई भी नहीं था। वहां के लोगों को अब तक ऐसे संस्थानों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बच्चे आज भी सिर्फ इंजिनियरिंग और मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए जाना चाहते हैं, लेकिन मैं जम्मू-कश्मीर सरकार से मदद मांगने की योजना बना रहा जिससे कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए आईआईएम जैसे संस्थानों में जाने का रास्ता आसान हो सके। इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां करें
from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/2OcPE2e
करगिल के बंकर से IIM, दिल छू लेगी कहानी
Reviewed by Fast True News
on
July 22, 2019
Rating:

No comments: