उन्नाव: हादसे की CBI जांच पर विपक्ष गोलबंद
नई दिल्ली उन्नाव गैंगरेप की पीड़िता की गाड़ी को ट्रक से लगी जोरदार टक्कर में तीन लोगों की मौत की घटना की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है। लखनऊ रेंज के एडीजी राजीव कृष्ण ने कहा कि हादसे की रिपोर्ट आने पर जरूरत समझी गई तो केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। उधर, विपक्ष मामले में साजिश की आशंका जताते हुए को लेकर गोलबंद हो चुका है। राज्यसभा में उठा मामला विपक्ष को लगता है कि यह हादसा सामान्य नहीं है, बल्कि आरोपी पक्ष ने पीड़िता और उसके परिवार को खत्म करने के लिए यह करवाया है। समाजवादी पार्टी (एसपी) के सांसद रामगोपाल यादव ने राज्यसभा में मामले को उठाते हुए कहा कि इलाहाबाद कोर्ट में आज से इस केस की सुनवाई शुरू होनी थी। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य है कि जो सिक्यॉरिटी मिली हुई थी, वह छुट्टी पर चली गई थी। जिस ट्रक ने टक्कर मारा, उसके आगे-पीछे के नंबर प्लेट्स पर ग्रीव्स लगे थे।' रामगोपाल, मायावती, ओवैसी की मांग एसपी सांसद ने कहा कि इस मामले में रेप पीड़िता के पिता जब मामला दर्ज करवाने थान गए थे तो पुलिस ने उनकी इतनी पिटाई की उनकी डेथ हो गई। फिर लड़की को मुख्यमंत्री के आवास पर जाना पड़ा। मुख्यमंत्री के आवास पर उसने आत्मदाह की कोशिश तो सरकार को मामले की जांच का आदेश देना पड़ा। बहरहाल, बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी आशंका जताई है कि यह हादसा नहीं, बल्कि साजिश है। उधर, एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सीबीआई जांच की मांग की है। मनोज झा का पीएम पर हमला वहीं, आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि जिस प्रकार से घटनाएं हो रही हैं, उनमें सबूत मिटाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि पीड़िता का मनोबल तोड़ने की कोशिश हो रही है और मुख्य अभियुक्त के आगे बड़े-बड़े नेता शीश नवा रहे हैं। आरजेडी सांसद ने कहा, 'प्रधानमंत्री जी का एक बहुत बड़ा स्लोगन है, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। उसके पोस्टर बॉय हैं सेंगर जैसे लोग।' यूपी से बाहर हो मामले की सुनवाई: केटीएस तुलसी राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी ने केस को उत्तर प्रदेश से बाहर ले जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पीड़िता को न्याय मिलना मुश्किल है। तुलसी ने कहा, 'पीड़िता की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पिटिशन लगाई जाए कि मामले को उत्तर प्रदेश से बाहर किए जाएं। उत्तर प्रदेश में उसे न्याय मिलना मुश्किल है।' राष्ट्रीय महिला आयोग भी ऐक्टिव वृंदा करात जांच तो बहुत जरूरी है क्योंकि प्रत्यक्षदर्शी भी गाड़ी में थे और जो पीड़ित बच गए, वह भी थे। पीड़ित परिवार के पास तो इतना पैसा तो नहीं होगा कि वह अपने परिवार के लिए और सुरक्षा में लगे सिपाहियों के लिए अलग-अलग गाड़ियों का खर्च उठाए। पूरी व्यवस्था में दोष है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस को गंभीरता से जांच की मांग करती है। आयोग ने कहा कि उसकी एक टीम भी जल्द ही मौके पर पहुंचेगी। बीजेपी सांसदों ने जताया दुख बहरहाल, बीजेपी सांसदों ने भी इस घटना पर दुख जताया और कहा कि अभी इस मामले में कुछ भी स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता। पार्टी सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि यह बेहद दुखद हादसा है। पूरी जांच के बिना कुछ कहना जल्दबाजी होगी। वहीं, दिल्ली से बीजेपी सांसद हंसराज हंस ने कहा कि अगर कोई साजिश है तो इसकी जांच होनी चाहिए। इस मामले में किसी को भी सियासत नहीं करनी चाहिए। हादसे में तीन लोगों की मौत गौरतलब है कि रविवार को मामले की सुनवाई के लिए इलहाबाद आ रहे पीड़ित परिवार के साथ हुए इस भीषण हादसे में पीड़िता की मौसी और चाची के साथ-साथ ड्राइवर की मौत हो चुकी है जबकि वकील वेंटिलेटर पर हैं। पीड़िता की मां का भी कहना है कि विधायक के लोगों ने यह करवाया है। उन्होंने कहा, 'इनके (विधायक के) पास जेल में फोन भी है। वह जेल में बैठ-बैठे सारा काम करवा रहे हैं।'
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उन्नाव: हादसे की CBI जांच पर विपक्ष गोलबंद
Reviewed by Fast True News
on
July 29, 2019
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