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शीला: 'नई' दिल्ली बनाने वालीं मिलनसार नेता

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि देते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी भावुक हो उठे और उन्हें मां सरीखा करार दिया। कांग्रेस के भीतर और बाहर तमाम नेताओं ने उनके निधन पर इसी तरह से प्रतिक्रिया व्यक्त की। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विवादों से परे रहते हुए शीला दीक्षित ने किस तरह से दशकों तक अपनी राजनीति को आगे बढ़ाया था। वह कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में से थीं और दिल्ली में सबसे लंबे समय तक सीएम के तौर पर शासन किया। दिल्ली को 'नई दिल्ली' बनाने यानी मॉडर्न लुक देने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है। राजनीति में अपने मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जानी जाने वाली शीला दीक्षित गांधी परिवार के वफादारों में शुमार की जाती थीं। उन्हें राजनीति में पहला बड़ा ब्रेक तब मिला था, जब पूर्व पीएम राजीव गांधी ने उन्हें 1984 में अपने मंत्रिपरिषद में शामिल किया था। तब शीला दीक्षित यूपी की कन्नौज लोकसभा सीट से संसद पहुंची थीं। केरल की राज्यपाल भी रहीं शीला के लिए राजनीति महज सत्ता हासिल करने का जरिया नहीं थी बल्कि आम लोगों से जुड़ने और उनकी समस्याओं को हल करने का माध्यम थी। पंजाब के कपूरथला में गैर-राजनीतिक परिवार में 1938 में जन्मीं शीला को जीसस कॉन्वेंट में स्कूल की पढ़ाई की थी और उसके बाद मिरांडा हाउस कॉलेज से ग्रेजुएशन की थी। जुलाई, 1962 में शीला दीक्षित की शादी जवाहर लाल नेहरू के करीबी रहे उमा शंकर दीक्षित के नौकरशाह बेटे विनोद दीक्षित से हुई थी। उमा शंकर दीक्षित 1971 में इंदिरा गांधी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे और उसके बाद वह कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में गवर्नर भी रहे। दिल्ली को वर्ल्ड कैपिटल बनाने के लिए किए प्रयास देश में सबसे लंबे समय तक लगातार शासन करने वालीं एकमात्र महिला मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 1998 से 2013 तक तीन चुनाव जीते थे। उन्हें दिल्ली के सभी इलाकों में समान रूप से विकास करने और वर्ल्ड क्लास कैपिटल के तौर पर विकसित करने के लिए याद किया जाएगा। यही नहीं देश की राजधानी में उन्होंने हरित परिवहन की नीति को भी बढ़ावा दिया और सीएनजी युक्त वाहनों की शुरुआत की। मेट्रो, फ्लाईओवर से सीएनजी बसों तक को दिया बढ़ावा शीला ने अपने 15 सालों के कार्यकाल में दिल्ली मेट्रो के प्रॉजेक्ट को गति दी। इसके अलावा शहर में फ्लाईओवरों के नेटवर्क को बढ़ाया। इससे शहर में तेजी से बढ़ रही आबादी के चलते ट्रैफिक की समस्या से निपटने में मदद मिली। लगातार हादसों को अंजाम देने वाली ब्लू लाइन बसों को भी उन्होंने चरणबद्ध तरीकों से सड़कों से बाहर करने का काम किया था। कॉमनवेल्थ गेम्स का किया शानदार आयोजन, आरोप भी लगे दिल्ली में उनके सबसे यादगार काम की बात करें तो वह 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स का सफल आयोजन था। हालांकि इसे लेकर उनकी सरकार पर करप्शन के भी तमाम आरोप लगे थे। दिल्ली में उनकी सरकार 2013 में अन्ना आंदोलन से तैयार हुई आम आदमी पार्टी के मुकाबले चुनाव में हार के बाद चली गई थी। हाल ही में एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए मुश्किल दिनों में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी।


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शीला: 'नई' दिल्ली बनाने वालीं मिलनसार नेता शीला: 'नई' दिल्ली बनाने वालीं मिलनसार नेता Reviewed by Fast True News on July 20, 2019 Rating: 5

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