ads

कर्नाटक: फ्लोर टेस्ट तो क्या हो सकते नतीजे?

बेंगलुरु कर्नाटक में राजनीतिक संकट जारी है और बहुमत परीक्षण से पहले कांग्रेस-जेडी(एस) और भारतीय जनता पार्टी कैंप पूरी ताकत झोंक रहे हैं। सत्ताधारी गठबंधन जहां नाराज विधायकों को मनाने की कोशिश तक कर चुका है, वहीं बीजेपी के नेता बिल्कुल आश्वस्त नजर आ रहे हैं कि बहुमत परीक्षण होता है तो कांग्रेस-जेडी(एस) सरकार गिर जाएगी। विधानसभा में सोमवार को बहुमत परीक्षण होने की संभावना भी है। ऐसे में क्या-क्या हो सकते हैं संभावित परिणाम, देखें... -सदन में सदस्यों की संख्या स्पीकर और मनोनीत सदस्यों को मिलाकर सदन की कुल संख्या 225 है। इसमें से 17 सदस्यों के सदन में शामिल नहीं होने की संभावना है। 17 में से 12 कांग्रेस के, 3 जेडी(एस) के विधायक हैं और 2 कांग्रेसी विधायक अस्पताल में भर्ती हैं। इस तरह अब सदन की संख्या 208 रह जाती है। बहुमत साबित करने के लिए 105 वोटों की जरूरत होगी। यह भी पढ़ें: -आंकड़े किस ओर मौजूदा स्थिति देखें तो कांग्रेस-जेडी(एस) कैंप में 66 कांग्रेस, 34 जेडी(एस) और एक बीएसपी सदस्य मिलाकर कुल संख्या 101 है। उधर, विपक्षी खेमे में अकेले बीजेपी के विधायकों की संख्या 105 है और उसे निर्दलीय विधायकों का साथ भी मिला है जिससे विपक्ष की कुल संख्या 107 हो जाती है। हालांकि, अगर निर्दलीय विधायक आर शंकर को बीजेपी के साथ बैठने की अनुमति नहीं मिलती है तो वे शायद सदन में आएं ही न। -वोटिंग के बाद गिर सकती है सरकार अगर मौजूदा गतिरोध जारी रहता है तो सरकार गिर सकती है। बता दें कि 15 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं और दो निर्दलीय बीजेपी को समर्थन दे चुके हैं। अगर सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस-जेडी(एस) की विप जारी करने को लेकर की गई याचिकाओं पर फैसला टाल देता है, तो विश्वास मत होने पर कुमारस्वामी सरकार गिर सकती है। -बिना वोटिंग सीएम का इस्तीफाऐसा भी हो सकता है कि हार सामने देखकर कुमारस्वामी बिना वोटिंग हुए खुद इस्तीफा दे दें और बीजेपी सरकार बना ले। यह भी पढ़ें: -सुप्रीम कोर्ट का फैसला अहम सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस-जेडी(एस) को विप जारी करने की इजाजत भी दे सकती है। ऐसा हुआ तो बागी विधायक बैकफुट पर चले जाएंगे और उन्हें अपने इस्तीफे वापस लेने पड़ सकते हैं। ऐसा नहीं करने पर उनकी विधायकी खतरे में आ जाएगी। ऐसे हालात में सरकार बच सकती है। हालांकि, अगर विप जारी होने के बाद भी विधायक नहीं आए तो सरकार गिर जाएगी। -सरकार को यूं मिल सकती है राहत भी कोर्ट ऐसा भी कर सकता है कि सुनवाई एक-दो दिन के लिए टाल दे और स्पीकर को यथास्थिति बनाए रखने के लिए कह दे। राज्यपाल वजुभाई वाला के पास भी एक विकल्प है कि अगर कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया तो वह कुमारस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए नई तारीख दे दें। यह भी पढ़ें: -मुंबई से लेकर अस्पताल तक में विधायक कांग्रेस के के सुधाकर, एमटीबी नागराज, एसटी सोमशेखर, बसवराज बैराती, मुनिरत्ना, बीसी पाटिल, प्रतापगौड़ा पाटिल, महेश कुमतल्ली, रमेश झारकीहोली, शिवराम हेब्बर और जेडी(एस) के के गोपालय्या, एच विश्वनाथ और केसी नारायणगौड़ा मुंबई में हैं। आनंद सिंह और रोशन बेग इस्तीफा तो दे चुके हैं लेकिन वे अभी बागी नहीं हैं। दो निर्दलीय एच नागेश और आर शंकर भी सरकार के साथ नहीं दिख रहे हैं। वहीं, श्रीमंत पाटिल और बी नागेंद्र अस्पताल में भर्ती हैं।


from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/32IP4fG
कर्नाटक: फ्लोर टेस्ट तो क्या हो सकते नतीजे? कर्नाटक: फ्लोर टेस्ट तो क्या हो सकते नतीजे? Reviewed by Fast True News on July 21, 2019 Rating: 5

No comments:

ads
Powered by Blogger.