2011 में 5.6 करोड़ दूसरे राज्यों में प्रवासी थे
रीमा नागराजन, नई दिल्ली भारत में करीब 5.6 करोड़ लोग ऐसे हैं जो अपने जन्म के राज्य में नहीं दूसरे राज्य में रह रहे हैं। 2011 के जनगणना आंकड़ों में इसकी पुष्टि हुई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, और मध्य प्रदेश ऐसे राज्य हैं जहां से सबसे ज्यादा संख्या में लोगों का पलायन दूसरे राज्यों में होता है। दूसरी ओर महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात ऐसे राज्य हैं जहां आनेवाले प्रवासियों की संख्या सबसे अधिक होती है। बिहार में दूसरे राज्यों के बसनेवालों की संख्या कम बड़े राज्यों में बिहार ही ऐसा राज्य है जहां दूसेर राज्यों से आकर बसनेवालों की संख्या सबसे कम है। बिहार में आकर बसनेवाले करीब 10 लाख प्रवासी पड़ोसी झारखंड और उत्तर प्रदेश के होते हैं। उत्तर प्रदेश में भी बसनेवाले प्रवासियों की बड़ी संख्या दिल्ली से सटे गाजियाबाद और नोएडा में रहनेवाले लोगों की है। प्रदेश में 40 लाख प्रवासी दूसरे राज्यों से आकर रह रहे हैं, जबकि प्रदेश छोड़कर जानेवालों की संख्या 1.3 करोड़ के करीब है। हरियाणा के फरीदाबाद और गुड़गांव में भी इसी तरह से करीब 37 लाख प्रवासी हैं जो देश भर से आकर बसे हैं। प्रवासी संख्या को लेकर माना जाता है कि जिन राज्यों का अधिक विकास हुआ है और रोजगार के अवसर हैं वहां पलायन कम होता है। हालांकि, आंकड़े इसकी पूरी तरह से पुष्टि नहीं करते हैं। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से पलायन बंगाल और असम से अधिक है। बिहार के प्रवासी झारखंड और बंगाल में अधिक उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड में दूसरे राज्यों से आकर बसनेवालों की संख्या पलायन करनेवालों से अधिक है। उत्तर प्रदेश में पैदा हुए लोगों की बड़ी संख्या में दिल्ली में बसनेवालों की है। उत्तर प्रदेश में पैदा हुए 45% प्रवासी दिल्ली में रहते हैं, मध्य प्रदेश के 41% प्रवासी दिल्ली आते हैं और महाराष्ट्र के 31% प्रवासियों का यह आंकड़ा है। आम तौर पर यह धारणा है कि बिहार के लोग महाराष्ट्र और दिल्ली में आकर सबसे ज्यादा बसते हैं। बिहार के लोगों की ज्यादा संख्या पूर्वोत्तर की ओर जाती है। बिहार के प्रवासी अकेले झारखंड में 62% हैं तो पश्चिम बंगाल में 47% हैं। असम के प्रवासियों में बिहारियों का हिस्सा 31% दिल्ली के प्रवासियों में 18% और महाराष्ट्र में 6% है। केरल में बंगाली हैं प्रवासियों का सबसे बड़ा समूह दक्षिण भारत में उत्तर भारतीयों के बसने की संख्या काफी कम है। केरल में सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय बंगालियों का है। केरल के प्रवासियों में 5% है। आम तौर पर दक्षिण भारत के राज्यों में ऐसा देखा जाता है कि वहां बसनेवाले प्रवासी ज्यादातर आसपास के राज्यों की है। इसी तरह से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा ऐसे राज्य हैं जहां बसनेवाले प्रवासियों की ज्यादातर संख्या आसपास के राज्यों की ही है।
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2011 में 5.6 करोड़ दूसरे राज्यों में प्रवासी थे
Reviewed by Fast True News
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July 20, 2019
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