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'कोरोना निगेटिव रिपोर्ट वाले पहले आएंगे भारत'

नई दिल्ली फैलने की वजह से विभिन्न देशों से भारतीयों को बाहर निकालने की सरकार की योजना के बीच ने गुरुवार को कहा कि वापस लाने का यह मतलब नहीं है कि हर किसी को लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिनकी जांच निगेटिव पाई जाएगी उन्हें पहले वापस लाया जाएगा। मंत्रालय ने दूसरे देशों में रह रहे नागरिकों को वही रहने के लिए कहा है। यह बयान एमईए के अतिरिक्त सचिव डी. रवि ने दिया जिन्हें कोरोना वायरस से निपटने के लिए समन्वय प्रयासों में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। रवि ने कहा, ‘रोम और मिलान दो इलाके हैं जहां भारत की मेडिकल टीम जा सकती है लेकिन मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता, इस पर राजदूत निर्णय करेंगे।’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि शुक्रवार की सुबह एक मेडिकल टीम इटली जा रही है और वे भारतीय छात्रों के निगेटिव (कोरोना वायरस) प्रमाण पत्र हासिल करने में आ रही समस्याओं को देखेंगे। जांच की जाएगी और जो लोग निगेटिव पाए जाएंगे उन्हें प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा ताकि वे व्यावसायिक उड़ान ले सकें। उन्होंने कहा कि सरकार को कोरोना वायरस से बचाव वाले उपकरणों में सहयोग के लिए चार देशों से आग्रह प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमें भूटान, ईरान और मालदीव तथा इटली से मास्क एवं बचाव उपकरण मुहैया कराने का आग्रह प्राप्त हुआ है। हम इस पर आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले इस तरह का आग्रह से प्राप्त हुआ था और एक खेप वहां भेजी गयी थी।’ गृह मंत्रालय के अधिकारी अनिल मलिक ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले 20 दिनों में भारत की यात्रा पर आने वाले लोगों की संख्या में 40 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने कहा, ‘पिछले 20 दिनों में भारत आने वाले लोगों की संख्या में 40 फीसदी की कमी आई है, यह संख्या और कम होगी।’ उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीयों से आग्रह किया कि जरूरी नहीं हो तो भारत की यात्रा नहीं करें। मलिक ने कहा, ‘20 फरवरी को 63,200 भारतीय आए जबकि दस मार्च को 43,900 भारतीय लौटे और इस तरह संख्या में कमी आ रही है और हमें उम्मीद है कि परामर्श जारी होने के साथ यह संख्या और कम होगी।’ रवि ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वापस लाने का यह मतलब नहीं है कि हर किसी को वापस लाया जाएगा और उन्होंने दूसरे देशों में रह रहे लोगों से वही रहने को कहा। रवि ने कहा, ‘हमें स्पष्ट करना है कि वापस लाने का यह मतलब नहीं है कि हम हर किसी को लाने का प्रयास कर रहे हैं। हमें समझने की जरूरत है कि जो लोग संक्रमित नहीं हुए हैं उन्हें पहले लाया जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘नमूनों की जांच के लिए हमारी मेडिकल टीम वहां जा रही है। कल एक टीम जाएगी और नमूने इकट्ठा करेगी। विमानों से विभिन्न स्रोतों से नमूने आ रहे हैं। इनकी जांच भारत में हो रही है और जो निगेटिव मामले होंगे उन्हें लाया जाएगा। इटली में एक मेडिकल टीम जाएगी।’ उन्होंने कहा, ‘ईरान में मेडिकल टीम मौजूद है और नियमित तौर पर नमूने आ रहे हैं और उनकी जांच हो रही है और हम उपाय कर रहे हैं कि उन्हें कैसे वापस लाया जाए और ऐसी स्थिति रोजाना बन रही है।’ रवि ने सलाह दी कि विदेशों में जहां भी भारतीय हैं, उन्हें वही रहना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हमारी सलाह है कि जहां भी भारतीय हैं वे वहीं रहें क्योंकि कोई नहीं जानता कि आपमें इसके लक्षण हैं या नहीं और कुछ दिनों बाद यह महत्वपूर्ण हो जाएगा। इसलिए सलाह दी जाती है कि जहां भी हमारे लोग हैं वहीं रहें और बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें।’ उन्होंने विदेशों में भारतीयों से अपील की कि यथासंभव कोविड की जांच स्थानीय स्तर पर कराएं ताकि पहुंचने पर हवाई अड्डे के अधिकारी उन्हें आसानी से अंदर आने दें। कोरोना वायरस की आर्थिक लागत पर एक सवाल के जवाब में रवि ने कहा कि इसका आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘इस समय जीवन ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस समय आर्थिक लागत महत्वपूर्ण नहीं है। लागत होगी लेकिन यह कितनी है इसका आकलन बाद में किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि सरकार की चिंता है कि संक्रमण पर काबू किया जाए। उन्होंने कहा, ‘घबराने की जरूरत नहीं है, स्थिति काबू में है। सरकार इस मुद्दे को उच्चतम प्राथमिकता दे रही है। हमें काफी चौकस रहने की जरूरत है और सुरक्षा उपाय करने की आवश्यकता है। यह सामूहिक प्रयास है और हम रोग से लड़ने के लिए प्रयास कर रहे हैं।’ आईपीएल एवं अन्य खेल कार्यक्रमों के बारे में रवि ने कहा कि सरकार की सलाह होगी कि ‘इस समय इसका आयोजन नहीं करें लेकिन अगर आयोजक इसका आयोजन करना ही चाहते हैं तो यह उनका निर्णय है।’ रवि ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘इस तरह के खेल कार्यक्रमों के बारे में मिले काफी आग्रहों का हम आकलन कर रहे हैं जो भारत में हुए हैं और बड़े कार्यक्रम, जिनकी योजना बनी हुई है। यह निर्णय आयोजकों को करना है कि क्या वे इसे आयोजित करना चाहते हैं या नहीं।’ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया जिसके कारण पूरी दुनिया में 4000 से अधिक मौतें हुई हैं। सरकार ने राजनयिक और रोजगार जैसी श्रेणी को छोड़कर सभी वीजा निलंबित कर दिए ताकि कोरोना वायरस के प्रसार को रोका जा सके क्योंकि भारत में इसके मामले 70 से अधिक हो गए हैं। सरकार ने कहा कि ईरान से भारतीयों को वापस लाने के लिए शु्क्रवार से लगातार तीन बार बचाव कार्यक्रम चलाए जाएंगे। मंगलवार को वहां से 58 भारतीय छात्रों को वापस लाया गया। अधिकारियों ने कहा कि इटली से बुधवार को भारत आए 83 लोगों को मानेसर में एक अलग केंद्र में रखा गया है। अस्पतालों में सभी रोगियों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जाती है।


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'कोरोना निगेटिव रिपोर्ट वाले पहले आएंगे भारत' 'कोरोना निगेटिव रिपोर्ट वाले पहले आएंगे भारत' Reviewed by Fast True News on March 12, 2020 Rating: 5

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